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फर्जी वोटरों को पकड़ेगा अशोका इंस्टीट्यूट का यह अनूठा रोबोट

वाराणसी। अशोका इस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एंड मैनेजमेंट के एक प्रतिभाशाली स्टूडेंट ने ऐसा रोबोट तैयार किया है जो मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी के रूप में काम करेगा। पलक झपकते ही यह रोबोट मतदाता की शिनाख्त कर लेगा और वोटिंग के बाद हाथ की उंगलियों में सही तरीके से अमिट स्याही भी लगाएगा। यह रोबोट सिर्फ सरकार का करोड़ों रुपये बचाएगा और निष्पक्ष पारदर्शी तरीके से वोटिंग प्रक्रिया में हेल्प भी करेगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस रोबोट से गुजरकर कोई भी वोटर एक बाद वोटिंग कर लेगा तो दोबारा किसी भी केंद्र पर मतदान नहीं कर सकेगा। यह रोबोट ऐसी अमिट स्याही लगाएगा, जिसे छुड़ा पाना आसान नहीं होगा। अशोका इंस्टीट्यूट ने इस अनूठे रोबोट को नाम दिया है अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर। इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य के सुझाव पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में अनूठे रोबोट की डिजाइनिंग की गई है। इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट उत्सव त्रिपाठी ने अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर नामक रोबोट को सिर्फ दो हफ्ते में तैयार किया। रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के प्रभारी श्याम चौरसिया के निर्देशन में उत्सव ने भारत में इलेक्शन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने और वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट इलेक्शन आफिसर की तरह काम करेगा। इसे लाना और ले जाना बेहद आसान है। अगर इसके साथ कोई छेड़छाड़ करेगा तो उसकी फोटोग्राफ भी यह रोबोट चुनाव नियंत्रण कक्ष में भेज देगा और इस साक्ष्य के आधार पर चुनाव में खलल डालने वाले जेल के सलाखों के अंदर होगा। अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य के मुताबिक अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, ताकि वह ऐसा बैरियर लगाया जाए जिससे कोई बिना मास्क के मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश न कर सके। यह रोबोट वोटर की शिनाख्त करने के बाद मतदान अधिकारी के पास जाने की इजाजत तभी देगा जब वोटर मास्क लगाया रहेगा। बिना मास्क वाले वोटरों को किसी भी दशा में वोट डालने की इजाजत ही नहीं देगा। यह रोबोट वोटर को सेनिटाइजर भी मुहैया कराएगा, ताकि कोरोना के संक्रमण की गुंजाइश न रहे। इलेक्शन के दौरान यह रोबोट कोरोना के संक्रमण का खतरा आसानी से टाल देगा। इस रोबोट को पेंटेंट कराने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर रोबोट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए श्री मौर्य ने बताया कि यह सबसे पहले वोटर के आईडी की जांच करेगा। वोटिंग से पहले ही यह शिनाख्त कर लेगा कि वोटर असली है या फिर फेक वोट डालने की कोशिश कर रह है। मतदाता के बोगस होने पर यह रोबोट बीप बजाना शुरू देगा और जिसे मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकेंगे। यह रोबोट हर पल की सूचनाएं इलेक्शन आफिस के अलावा एनआईसी केंद्र में स्थापित कंप्यटर, लैपटाप, आईपैड के अलावा जिला निवार्चन ड्यूटी में लगे उच्चाधिकारियों के मोबाइल पर भी भेजता रहेगा। चुनाव अधिकारी मोबाइल के जरिए कहीं से भी समूची वोटिंग प्रक्रिया को देख सकेंगे। साथ ही मतदान अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दे सकेंगे। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर वोटिंग प्रक्रिया पूरी करने वाले वोटरों की उंगली में अमिट स्याही लगाएगा। अगर कोई वोटर अमिट स्याही लगवाए बगैर भागने की कोशिश करेगा तो उसकी सूचना भी वोटर के नाम-पते के साथ चुनाव अधिकारियों तक पहुंचा जाएगी। अशोका इंटीट्यूट के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के प्रभारी श्याम चौरसिया के मुताबिक अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर दुनिया का पहला ऐसा रोबोट है जो देश में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतदान संपादित कराने में सहयोग देगा। बोगस मतदान के अलावा चुनाव संबंधी सभी संभावित गड़बड़ियों को रोक देगा। इस रोबोट को हवा में उड़ने वाले किसी अन्य रोबोट की मदद से किसी भी मतदान केंद्र पर कुछ ही मिनट में पहुंचाया जा सकता है। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर ऐसा रोबोट है जिसे उन्होंने इंस्टीट्यूट के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में डिजाइन कराया है। इसे बनाने में सिर्फ छह हजार रुपये खर्च हुए हैं। कुछ रुपये और लगा दिए जाएं तो इसे ज्यादा कंपैक्ट बनाया जा सकता है। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर की डिजाइन करने वाले स्टूडेंट उत्सव त्रिपाठी इस रोबोट को लेकर काफी उत्साहित हैं। वह बताते हैं कि इस रोबोट में उन्होंने एक ऐसा कैमरा लगाया है जो वोटर को देखते ही उसकी और घूम जाएगा। वोटर का वीडियो चुनाव नियंत्रण कक्ष को भेजता रहेगा। इस कैमरे को रिमोट के जरिये भी चुनाव अधिकारी कहीं भी बैठकर नियंत्रित कर सकेंगे। इसमें वाई-फाई कैमरा के अलावा कई मोटरें और एलडीआर सेंसर लगाए गए हैं। उत्सव का दावा है कि बोगस वोटरों पर लगाम कसने वाला यह रोबोट चुनावी प्रक्रिया को न सिर्फ आसान बनाएगा, बल्कि मतदान अधिकारियों पर होने वाला खर्च कम कर देगा। इसके जरिए सिर्फ एक पोलिंग आफिसर वोटिंग प्रक्रिया संपादित कर लेगा। मतदान के लिए वोटरों को लंबी कतारों में खड़ा होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ समय की बचत भी करेगा।
  • बिना मास्क के वोटिंग रूम में घुसने से रोकेगा और वोटरों के हाथ में अमिट स्याही भी लगाएगा
  • दुनिया के पहले और इस अनूठे रोबोट को नाम दिया गया है अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर

वाराणसी। अशोका इस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एंड मैनेजमेंट के एक प्रतिभाशाली स्टूडेंट ने ऐसा रोबोट तैयार किया है जो मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी के रूप में काम करेगा। पलक झपकते ही यह रोबोट मतदाता की शिनाख्त कर लेगा और वोटिंग के बाद हाथ की उंगलियों में सही तरीके से अमिट स्याही भी लगाएगा। यह रोबोट सिर्फ सरकार का करोड़ों रुपये बचाएगा और निष्पक्ष पारदर्शी तरीके से वोटिंग प्रक्रिया में हेल्प भी करेगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस रोबोट से गुजरकर कोई भी वोटर एक बाद वोटिंग कर लेगा तो दोबारा किसी भी केंद्र पर मतदान नहीं कर सकेगा। यह रोबोट ऐसी अमिट स्याही लगाएगा, जिसे छुड़ा पाना आसान नहीं होगा।
अशोका इंस्टीट्यूट ने इस अनूठे रोबोट को नाम दिया है अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर। इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य के सुझाव पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में अनूठे रोबोट की डिजाइनिंग की गई है। इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट उत्सव त्रिपाठी ने अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर नामक रोबोट को सिर्फ दो हफ्ते में तैयार किया। रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के प्रभारी श्याम चौरसिया के निर्देशन में उत्सव ने भारत में इलेक्शन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने और वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट इलेक्शन आफिसर की तरह काम करेगा। इसे लाना और ले जाना बेहद आसान है। अगर इसके साथ कोई छेड़छाड़ करेगा तो उसकी फोटोग्राफ भी यह रोबोट चुनाव नियंत्रण कक्ष में भेज देगा और इस साक्ष्य के आधार पर चुनाव में खलल डालने वाले जेल के सलाखों के अंदर होगा।

अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य के मुताबिक अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर को बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी, ताकि वह ऐसा बैरियर लगाया जाए जिससे कोई बिना मास्क के मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश न कर सके। यह रोबोट वोटर की शिनाख्त करने के बाद मतदान अधिकारी के पास जाने की इजाजत तभी देगा जब वोटर मास्क लगाया रहेगा। बिना मास्क वाले वोटरों को किसी भी दशा में वोट डालने की इजाजत ही नहीं देगा। यह रोबोट वोटर को सेनिटाइजर भी मुहैया कराएगा, ताकि कोरोना के संक्रमण की गुंजाइश न रहे। इलेक्शन के दौरान यह रोबोट कोरोना के संक्रमण का खतरा आसानी से टाल देगा। इस रोबोट को पेंटेंट कराने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर रोबोट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए श्री मौर्य ने बताया कि यह सबसे पहले वोटर के आईडी की जांच करेगा। वोटिंग से पहले ही यह शिनाख्त कर लेगा कि वोटर असली है या फिर फेक वोट डालने की कोशिश कर रह है। मतदाता के बोगस होने पर यह रोबोट बीप बजाना शुरू देगा और जिसे मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकेंगे। यह रोबोट हर पल की सूचनाएं इलेक्शन आफिस के अलावा एनआईसी केंद्र में स्थापित कंप्यटर, लैपटाप, आईपैड के अलावा जिला निवार्चन ड्यूटी में लगे उच्चाधिकारियों के मोबाइल पर भी भेजता रहेगा। चुनाव अधिकारी मोबाइल के जरिए कहीं से भी समूची वोटिंग प्रक्रिया को देख सकेंगे। साथ ही मतदान अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दे सकेंगे। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर वोटिंग प्रक्रिया पूरी करने वाले वोटरों की उंगली में अमिट स्याही लगाएगा। अगर कोई वोटर अमिट स्याही लगवाए बगैर भागने की कोशिश करेगा तो उसकी सूचना भी वोटर के नाम-पते के साथ चुनाव अधिकारियों तक पहुंचा जाएगी।
अशोका इंटीट्यूट के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के प्रभारी श्याम चौरसिया के मुताबिक अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर दुनिया का पहला ऐसा रोबोट है जो देश में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतदान संपादित कराने में सहयोग देगा। बोगस मतदान के अलावा चुनाव संबंधी सभी संभावित गड़बड़ियों को रोक देगा। इस रोबोट को हवा में उड़ने वाले किसी अन्य रोबोट की मदद से किसी भी मतदान केंद्र पर कुछ ही मिनट में पहुंचाया जा सकता है। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर ऐसा रोबोट है जिसे उन्होंने इंस्टीट्यूट के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में डिजाइन कराया है। इसे बनाने में सिर्फ छह हजार रुपये खर्च हुए हैं। कुछ रुपये और लगा दिए जाएं तो इसे ज्यादा कंपैक्ट बनाया जा सकता है।
अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर की डिजाइन करने वाले स्टूडेंट उत्सव त्रिपाठी इस रोबोट को लेकर काफी उत्साहित हैं। वह बताते हैं कि इस रोबोट में उन्होंने एक ऐसा कैमरा लगाया है जो वोटर को देखते ही उसकी और घूम जाएगा। वोटर का वीडियो चुनाव नियंत्रण कक्ष को भेजता रहेगा। इस कैमरे को रिमोट के जरिये भी चुनाव अधिकारी कहीं भी बैठकर नियंत्रित कर सकेंगे। इसमें वाई-फाई कैमरा के अलावा कई मोटरें और एलडीआर सेंसर लगाए गए हैं। उत्सव का दावा है कि बोगस वोटरों पर लगाम कसने वाला यह रोबोट चुनावी प्रक्रिया को न सिर्फ आसान बनाएगा, बल्कि मतदान अधिकारियों पर होने वाला खर्च कम कर देगा। इसके जरिए सिर्फ एक पोलिंग आफिसर वोटिंग प्रक्रिया संपादित कर लेगा। मतदान के लिए वोटरों को लंबी कतारों में खड़ा होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। अशोका स्मार्ट इलेक्शन बूथ आफिसर मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ समय की बचत भी करेगा।

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